
20/02/2024 11:23 AM Total View: 17417
हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज तो किया ही जाता है, लेकिन यहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य भी हुआ करते हैं. इसका उदाहरण समस्तीपुर सदर अस्पताल में सामने आया है. दरअसल, यहां कुछ अलग हुआ और स्वास्थ्य विभाग की लंबी पहल के बाद अस्पताल में एक युवक युवती के हाथ पीले कराए गए. खास बात यह कि यहां स्वास्थ्यकर्मी ही बाराती भी थे और सराती (दुल्हन पक्ष) भी थे. साथ ही यहां महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए क्योंकि ये स्पेशल शादी थी.
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हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज तो किया ही जाता है, लेकिन यहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य भी हुआ करते हैं. इसका उदाहरण समस्तीपुर सदर अस्पताल में सामने आया है. दरअसल, यहां कुछ अलग हुआ और स्वास्थ्य विभाग की लंबी पहल के बाद अस्पताल में एक युवक युवती के हाथ पीले कराए गए. खास बात यह कि यहां स्वास्थ्यकर्मी ही बाराती भी थे और सराती (दुल्हन पक्ष) भी थे. साथ ही यहां महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए क्योंकि ये स्पेशल शादी थी.क्लिक करें: हमारे WhatsApp ग्रुप को जॉइन करें
हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज तो किया ही जाता है, लेकिन यहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य भी हुआ करते हैं. इसका उदाहरण समस्तीपुर सदर अस्पताल में सामने आया है. दरअसल, यहां कुछ अलग हुआ और स्वास्थ्य विभाग की लंबी पहल के बाद अस्पताल में एक युवक युवती के हाथ पीले कराए गए. खास बात यह कि यहां स्वास्थ्यकर्मी ही बाराती भी थे और सराती (दुल्हन पक्ष) भी थे. साथ ही यहां महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए क्योंकि ये स्पेशल शादी थी.
हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज तो किया ही जाता है, लेकिन यहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्य भी हुआ करते हैं. इसका उदाहरण समस्तीपुर सदर अस्पताल में सामने आया है. दरअसल, यहां कुछ अलग हुआ और स्वास्थ्य विभाग की लंबी पहल के बाद अस्पताल में एक युवक युवती के हाथ पीले कराए गए. खास बात यह कि यहां स्वास्थ्यकर्मी ही बाराती भी थे और सराती (दुल्हन पक्ष) भी थे. साथ ही यहां महिलाओं ने मंगल गीत भी गाए क्योंकि ये स्पेशल शादी थी.














